*क्या खूब घरानाहै मखदूमे किछौछा का*
*हसनैन से रिश्ता है मखदूमे किछौछा का*
*मखदूमे किछौछा की सुन सुन के हंसीं बातें*
*दीवाना मचलता है मखदूमे किछौछा का*
*उस शख्श के क़दमों में होती है शहन्शाही*
*जो शख्श भी मंगता है मखदूमे किछौछा का*
*ऐ अक़्ल के मारे सुन रिश्ता जो रज़ा का है*
*बेशक वही रिश्ता है मखदूमे किछौछा का*
*अख्तर की जो होती है परवाज़ ज़माने में*
*फ़ैज़ान यह किस का है मखदूमे किछौछा का*
Mo sarfaraz qadri9639950

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